Haryana News: हरियाणा के गांव में दलित विवाह पर बवाल! जांच अधिकारी पर गंभीर आरोप, 10 लाख रिश्वत का ऑडियो वायरल

Haryana News: हरियाणा के ढाणी भोजराज गांव में एक दलित युवक और गैर-दलित लड़की के विवाह के बाद गांव में तनाव फैल गया। इस विवाह के चलते युवक के परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। दुकान वालों को चेतावनी दी गई कि अगर उन्होंने इस परिवार को सामान बेचा तो उन्हें जुर्माना भरना पड़ेगा। जब युवक के रिश्तेदारों ने दुकान से सामान लेना चाहा तो उन्हें मना कर दिया गया। इस मामले का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद पीड़ित परिवार गांव छोड़कर जाने लगा और पुलिस ने आरोपियों पर एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई।
जांच अधिकारी पर 10 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप, ACB को दी गई शिकायत
इस संवेदनशील केस की जांच कर रहे तत्कालीन पुलिस अधिकारी और मौजूदा डीएसपी संजय बिश्नोई पर अब गंभीर आरोप लगे हैं। गांव के निवासी नरेश ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को शिकायत दी है कि जांच अधिकारी ने केस को बंद करने के नाम पर डर का माहौल बनाकर गांववालों से 10 लाख रुपये की अवैध वसूली की। यह रकम गांव में चंदा इकट्ठा करके दी गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके पास इस रिश्वत की बातचीत से जुड़ी रिकॉर्डिंग भी है।

गांववालों का सामूहिक बयान, चंदे से इकट्ठा हुए 12 लाख 60 हजार रुपये
गांव के 23 से ज्यादा लोगों ने हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर सामूहिक रूप से बयान दिया है कि उन्होंने केस को शांत करवाने के लिए 12 लाख 60 हजार रुपये चंदा करके जमा किए थे। इनमें से 10 लाख रुपये जांच अधिकारी को दिए गए। शेष रकम गांव के उन लोगों पर खर्च की गई जो इस विवाद में शामिल थे। यह सामूहिक बयान ACB को सौंपी गई शिकायत के साथ लगाया गया है, जो मामले को गंभीर बना देता है।
रिकॉर्डिंग में हुआ खुलासा, रीडर ने माना – ‘मैंने डिप्टी साहब को पैसे दिए’
शिकायत में जो बातचीत की रिकॉर्डिंग पेश की गई है, उसमें डीएसपी रतिया के रीडर दर्शन सिंह खुद स्वीकार कर रहे हैं कि उन्होंने ‘डिप्टी साहब’ को पैसे दिए। बातचीत में दर्शन कह रहे हैं कि “जो कुछ भी मैंने दिया, डिप्टी साहब को दिया।” शिकायतकर्ता लगातार पूछता रहा कि कुल कितनी राशि दी गई, तो दर्शन ने लगभग 5 से 5.5 लाख रुपये का ज़िक्र किया।
DSP संजय बिश्नोई ने आरोपों को बताया झूठा, जांच में सच सामने आने की बात कही
डीएसपी संजय बिश्नोई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “मैंने कोई पैसे नहीं लिए। यह सब बेबुनियाद आरोप हैं। कोई भी शिकायत भेज सकता है, कोई भी आरोप लगा सकता है, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि इस केस की जांच पहले डीएसपी जयपाल कर रहे थे और बाद में उन्होंने खुद यह जिम्मेदारी संभाली।